सोमवार, 29 दिसंबर 2008

रेत मुठ्ठी से फिसलती जाती है

कभी सुना था पर पिछले दिनों अनुभव हुआ। रेत को मुठ्ठी में जितना भी बंद करने की जोरदार कोशिश करो वह फिसलती ही जाती है। किसी को अपने बहुत करीब महसूस कर रहा था। सो उसे और करीब लाने की कोशिश भी करने लगा। पर उल्टा ही हुआ। जितना उसे वक्त दिया वह उतना ही दूर भागने को आतुर दिखी। मैं समझ नही पाया मामला क्या है। या कहू की समझना भी नही चाहता। क्योकि उस कारण से मेरा कोई लेने देना नही है। जिससे है वह ही समझ से परे है तो कारण क्या समझ में आएगा।
बहारहाल इस वाकिये से एक बात खूब समझ में आ गई। जिसे कभी किताबो में पढ़ा करता था। यही की रेत मुठ्ठी में नही आती। जिसे खूब करीब लाने की कोशिश करोगे वह कभी नही मिलती। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ। जब कभी कोशिश नही कि तब हर वक्त करीब पाता था। लेकिन जब से करीब लाने कि कोशिश करने लगा मामला उल्टा हो गया। वह शख्स दूर भागने लगा। हजारो बहाने बीच में आने लगे। जो पहले कभी नही आते थे। किस्सा लंबा है पर है मजेदार और बेहद प्यारा। जो अब शायद प्यारा नही है। पर मेरी तरफ़ से हमेशा प्यारा ही रहेगा। साथ ही शिक्षा देने वाला भी है। मुझे और उन्हें जो मुठ्ठी में रेत बाँध कर रखने कि कोशिश करते है।
खैर कुछ दिनों से दिल पर बोझ था सो आज हल्का कर दिया। गेंद उसके पाले में है। अपुन ने पहले से बात कर ली। वह इस बात पर अड्डी थी कि पहले से बात नही करेगी। शायद स्वाभिमान सामने आ रहा होगा। पर मैंने उसकी और ख़ुद कि मुश्किल आसान कर दी। अब स्वतंत्र हूँ। खुश और मस्त।
सोचा नही था बचपन का पढ़ा पाठ जवानी में काम आएगा। पर अब रेत मुठ्ठी में नही बंद करनी है। रेत को उड़ने के लिए छोड़ दिया है। देखते है कहा तक उड़ पाती है। और उड़ कर कहा जाती है।
बात यही सोचकर कर ली की जिनकी याद में कल तड़पना पड़े अच्छा है उन्हें एक बार रोकने की कोशिश जरूर कर लेनी चाहिए। फ़िर वह रुकें या न रुकें उनकी मर्जी। कल हम यह तो नही कह पायंगे ही गलती हमारी थी इसलिए ऐसा हुआ। वाकई रेत मुठ्ठी से फिसलती जाती है। वक्त निकलता जाता है। रिश्ते बदलते जाते है। आख़िर हम है तो इंसान ही। गलतियां करना नियति है हमारी। पर इसी नही जो दूसरो को दुःख दे।

2 टिप्‍पणियां:

विनय ने कहा…

अनुभव बटोरिए सोचिए कम, नये वर्ष की शुभकामनाएँ!

BACHPAN SE 55 TAK ने कहा…

mujhe lagta hai ki ret nahi balki koi girlfriend aapke haath se fisal gaiee hai---ant me good luck--- aa dono ki jald mulakat ho